V


 

जिंदगी में किसी से प्यार ना करना,


अगर हो भी जाए तो उसे इंकार न करना


निभा सके तो निभा लेना वरना


किसी का जिंदगी बर्बाद मत करना




मैं मर जाऊंगा उस दिन


जिस दिन तेरी बारात आएगी


तू डोली में बैठकर ससुराल जाएगी जिस दिन


उस दिन मेरी लाश शमशान जाएगी




हम करेंगे तुम्हें भूलने की कोशिश


हो सके तो तुम हमें याद ना करना


हम तो आपकी खातिर बर्बाद हो गए


मगर किसी और को यू बर्बाद ना करना




शाम होते हैं दिल उदास हो जाता है


टूटे ख्वाबों के सिवा कुछ ना पास होता है


तुम्हारी याद उस वक्त बहुत आती है


तुम्हारी जुदाई का जब जब एहसास होता है




जिंदगी एक चाहत का सिलसिला है


कोई मिल जाता है तो कोई बिछड़ जाता है


जिन्हें मांगते हैं हम दुआओं में


वो किसी और को बिना मांगे मिल जाता है




मेरी मय्यत पर मेहंदी रचा लेना


मेरे कफन से जोड़ा बनवा लेना


अगर इससे भी सकून ना मिले तो


मेरे कब्र पर आकर सुहागरात मना लेना




कितनी जल्दी शाम गुजर जाती है


प्यास बुझती नहीं बरसात गुजर जाती है


अपनी यादों से कहो तो उस तरह आया करें


नींद आती नहीं और रात गुजर जाती है




कहां कोई मिला जिन पर दुनिया लुटा देते


हर एक ने धोखा दिया किस-किस को भुला देते


अपने दिल का दर्द दिल में दबाए रखा


जो करते याद तो महफिल का रुला देते




मैं तो मर गया उस दिन


जिस दिन तेरी सगाई थी


कफन मिली उस दिन जिस दिन तेरी विदाई थी




पास आकर सभी दूर चले जाते हैं


हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं


दिल का दर्द किसे दिखाओ


मरहम लगाने वाले ही जख्म देकर चले जाते हैं




आपके चेहरे की चमक सदा बनी रहे


हंसी इन लोगों में हमेशा सजी रहे


दूर रखे खुदा सारे गमों से आपको


खुशी आपके दामन में सदा भरी रहे




तेरे सारे गमों को मैं यूं ही पी लूंगा


अपनी सारी खुशियां तेरे नाम कर दूंगा


तू क्यों उदास होता है मेरे दामन में


प्यार के सपने और खुशियां डाल दूंगा




रोती हुई आंखों में इंतजार होता है


ना चाहते हुए भी प्यार होता है


क्यों देखते हैं हम वो सपने


जिसके टूटने पर भी उसके साथ होने का एहसास होता है




जिसको है मुझसे शिकायत


उससे शिकवा क्यों करू


जिसकी आंखों में है नफरत


उस पर अब मैं क्यों मारूं




आग सूरज में होती है जलना जमीन को पड़ता है निगाहें मोहब्बत करती है तड़पना दिल को पड़ता है




दिल को टूटने किसी ने देखा ही नहीं इश्क क्या चीज है किसी ने जाना है नहीं मैंने तुम्हें जान से भी ज्यादा चाहा है पर तुमने तो मुझे अपना माना ही नहीं




तेरे चेहरे की चमक सदा बनी रहे हसीन लव में हमेशा सजी रहे दूर रखे खुदा सारे गमों से तुझे


खुशी तेरे दामन में सदा बनी रहे




सीने में लगी आग को दबा देंगे दिल में उस बात को छुपा लेंगे अगर कोई कह दे यह भुला दे हम तुम्हें मां कसम उसे जिंदा जला देंगे




तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना सकता हूं तुमसे मिले बिना तेरा हाल बता सकता हूं है मेरी दोस्ती में इतना दम की अपनी आंख के खुशी तेरी आंखों से गिरा सकता हूं




बेवफा अब भी तेरी याद आती है टूटे दिल से आह निकल जाती है इस पर तूने मरहम तो लगाया नहीं था फिर क्यों तेरी याद इसे यू आ जाती है




जिंदगी में तुम आना सकी


तो मौत पे मेरी आ जाना


दुपट्टे का सहारा दे ना सकी


कफन मगरौरा ओढ़ा जाना




जिंदगी में कितने गम है मिले


सच्चे दोस्त बहुत कम मिले


दुख दर्द अपना सके


ऐसे पल बहुत कम मिलेगा




मोहब्बत का हर इम्तिहान दे सकता हूं 


तेरे लिए मैं अपना जान दे सकता हूं


बस तेरी रुसवाई से डरता हूं जानम


वरना शायरों में तेरा नाम दे सकता हूं




हम हंसते हैं तो उन्हें लगता है कि यह मुस्कुराने की अदा है मेरी पर वह नादान इतना भी नहीं समझते गम छुपाने की यह अदा है मेरी




सुबह जब आंख खुलती है तो


लब पे तेरा नाम होता है


जब निगोड़ी रात आती है तो पास में जान होता है




Some like one


but like two


I like one


That is you


कोई एक चाहता है लेकिन कोई दो चाहता है मैं एक चाहता हूं और वह हो तुम






मिलना इत्तेफाक था बिछड़ना नसीब था


उतनी ही दूर हो गए आप जो जितना करीब था


मैं उस दोस्त को ढूंढता ही रह गया


जिसकी हथेली पर लिखा मेरा नसीब था




कुछ लोगों की फितरत होती है


की हाथों की लकीरों को तकदीर मान बैठते हैं


तकदीर तो उनकी होती है


जिनके हाथों में लकीर नहीं होती




गीत की जरूरत महफिल में होती है


प्यार की जरूरत हर दिल में होती है


बिन दोस्त के अधूरी है जिंदगी


क्योंकि दोस्त की जरूरत हर पल में होती है




गजब किया कि तेरे वादे पर ऐतबार किया


तमाम उम्र कयामत का इंतजार किया


गुजार दी हमने जवानी तेरी मोहब्बत में


आज कह रहे हो कि हां मैंने भी प्यार किया




क्यों बनाती हो यह प्यार का माहौल तुम कल से तुम खोज मिटाओगे आज कहती हो कि एक दिलजले से प्यार है कल नाम पता तक भूल जाओगी




हुसन के चर्चे बहुत है


प्यार के पर्दे बहुत है


प्यार तो हमने भी किया है


बाप रे इसमें खर्च बहुत हुई है




खास तुमसे मुलाकात होती है


तुम कुछ कहती मैं कुछ कहता


प्यार मोहब्बत की बातें होती


तुम रूठ जाती तो मैं मना लेता


तुम गुस्सा होती तो मैं समझा लेता




खुशी में मिले ना मिले गम में मिलेंगे महफिल में मिले ना मिले तनहाई में मिलेंगे




राहत भी आपसे मिलती है चाहत भी आपसे मिलती है हमसे कभी रूठना नहीं क्योंकि मुस्कुराहट भी आपसे मिलती है




मत करो कोई वादा जिसे तुम निभा ना सको मत चाहो उसे जिसे तुम पा ना सको जिसका प्यार यहां पूरा होता है इसका तो पहला अक्षर ही अधूरा होता है




खुदगर्जी की जिंदगी में हम भी जिया नहीं करते जाम दूसरों का छीन कर हम पिया नहीं करते आपको मोहब्बत है तो आप का इजहार करें पीछा लड़कियों का हम भी किया नहीं करते




लिखने से पहले सलाम करते हैं दर्द-ए-दिल से पैगाम करते हैं यह मत समझना कि भूल गए हैं हम याद तो आपके सुबह शाम करते हैं




अजनबी शहर है हर रस्म निभाए रखना


दिल मिले या ना मिले हाथ मिलाए रखना




सुख में तो सब अपने होते हैं


दुख में निभाया किसने साथ


रहूंगा तड़पुंगा मै


ना करूंगा अब फरियाद


जीवन में कुछ बचा नहीं है


जिसको कर सकूं मैं याद




बोतल छुपा देना कफन में कब्र में पिया करूंगा खुदा जब मांगे हिसाब तो पैग बना कर दिया करूंगा




मेरे आंगन में इसको की बरसात होती है


न मेला न महफिल बस गम की बात होती है


हकीकत तो यह है कि


मैं तुमसे मिल नहीं पाता ख्यावो मैं हर रोज मुलाकात होती है




कितनी खूबसूरती है तुम्हारे चेहरे में


कि मैं तेरी यादों में खोया रहता हूं


चाहता हूं कि आओगी ख्वाबों में इसीलिए दिन में भी सोया रहता हूं




वो प्यार ही क्या जिसमे दुनिया ना हो


वो अपनापन ही क्या जिसमें लड़ाई आना हो


वो याद ही क्या जिसमे गम ना हो


वो तुम ही क्या जिसमें हम ना हो




आंखें तरस गई तुम्हारा ख्याल आ गया


अरे अभी तो सामने आ


शिक्षक दिवस 2022 आ गया




मुस्कुराती है नजर दिल तड़प के रोता है चोट जब दिल पर लगती है तो तन बड़ा होता है




किसी का दिल तोड़ देना वफा तो नहीं


किसी के दिल में बसे रहना भी खाता तो नहीं


गुनाह हो यह ज़माने की नजर में तो क्या


जमाने वाले तो इंसान हैं खुदा तो नहीं




बेनाम सा ये दर्द ठंड क्यों नहीं जाता जो बीत गया वो गुजर क्यों नहीं जाता वह एक ही चेहरा तो है नहीं सारे जमाने में जो दूर है वह दिल में से उतर क्यों नहीं जाता




रात होगी तो वह चांद भी दिखाई देगा ख्वाबों में वो है चेहरा हमें दिखाई देगा मोहब्बत है जरा सोच कर करना है एक भी आंसू गिरेगा तो हमें सुनाई देगा




सुनते हैं कि मिल जाती है हर चीज दुआ से एक रोज मोमिनो तुम्हें मांग कर देखेंगे खुदा से




मर तो सकता हूं मगर मेरी आवाज बेवफा है बजा तो सकता हूं मगर यह सच बेवफा है बनवाने को तो ताजमहल भी बनवा सकता हूं मगर आजकल मुमताज बेवफा है




रात के अंधेरे में सारा जहां सोता है किसी के याद में यह दिल होती है खुदा करे कि किसी पर कोई फिदा ना हो हो तो मौत से पहले जुदा ना हो




उजालों को पलकों में छुपा के रखना सफर में ना जाने कब रात होगी मुसाफिर हो तुम भी मुसाफिर है हम भी ना जाने किस मोड़ पर फिर मुलाकात होगी




आसमान को नींद आए तो सुनाओ कहां धरती की जान आई तो लखनऊ कहां सागर में लहराए तो छुपाऊं कहां अगर तेरी याद आए तो जाऊं कहां




दूर है आपसे तो कुछ गम नहीं दूर रहकर भी भूलने वालों में हम नहीं रोज मुलाकात ना हो पाए तो क्या हुआ आपकी यादें मुलाकात से कम नहीं




आज तुम मेरे साथ नहीं हो


इसमें तुम्हारी खता नहीं


मेरे दिल में तुम और सिर्फ तुम बसी हो


तुम्हारे दिल में क्या था मुझे पता नहीं




हर रात दिए से सजा रखी है हर हवा से शर्त लगा रखी है जाने किस गली से आएगी सपना हर गली फूलों से सजा रखी है




मोहब्बत का यह अजीब फैसला है


कोई मस्त तो कोई खफा है


जिसे मैं चाहता हूं वे बेवफा है






भानपुरा से पूछिए फूलों का सिंगार कितना है मेरे दिल से पूछिए तुमसे प्यार कितना है




निगाहें मिला कर दिल को किया जख्मी अदाओं से क्यों सितम ढा रखी हो वफाओं का क्या सुबह बदल दिया मुझे तरपता छोड़ कर जा रहे हो




अंधेरे में रोशनी का एहसास होता है सही प्यार करने वालों को रव का साथ होता है तुम्हारी फितरत में हर रोग का निवास होता है यही सच है प्यार करने वालों को रव का साथ होता है




01 सच तो यह है:- तुम एतवार करती हो,


जो इंसान ही फरेबी है 


02 सच तो यह है:- तुम उसके साथ वफा करना चाहती हो, जि

सने हर पल तुम्हारे साथ सिर्फ बेवफाई किया है


03 सच तो यह है:- तुम उसका हवस का मोहब्बत साबित करना चाहती हो


और


मैं सच्ची मोहब्बत का तुम्हें यकीन नहीं दिला पा रहा हूं


04 सच तो यह है:- एक ही नदी के दो किनारे हैं


एक तरफ तुम खड़ी हो


और


एक तरफ मैं


एक तरफ सच्चाई है


और


एक तरफ गलत फरेमी 


05 सच कहूं तो गलत फरेमी 


 मेरी तरफ है


और सच्चाई तुम्हारी तरफ


सच कहूं तो तुम आंखें बंद करके तुम उसे देखना चाहती हो


और मैं आंखें खोलते तुम्हें देखना चाहता हूं




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